कल्पना कीजिए कि मोदी जी ने 22 तारीख को ही जनता कर्फ्यू क्या किया? | Corona Virus modiji

मोदीजी आप पर देश अभिमान करते हैं और नतमस्तक हैं। (Corona virus)
सम्मानित मोदीजी की प्रतिभा और कौशल पे सभी फ़िदा है। कल्पना कीजिए कि मोदी जी ने 22 तारीख को ही जनता कर्फ्यू क्या  किया?

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 मामला हाल ही में उजाग्रस्त हुआ है।
 22 मार्च का अर्थ है फागण वद 13। इस दिन, मधुकृष्णा त्रयोदशी वरुणी योग है। पंचाग के अनुसार, 22 मार्च को गर्मी शुरू होनी है। और उस दिन बहुत गर्मी होगी। सूर्य पूरे जोरों पर होगा।

भविष्य में भारत में कोरोना बीमारी के आने पर हमें क्या करना चाहिए?
इस पर चर्चा करने के लिए मोदीजी ने दो महीने पहले नासा और इसरो के वैज्ञानिकों के साथ बैठक की थी।



उस समय कई लोगों ने उनका मज़ाक उड़ाया, लेकिन मोदीजी ने पृथ्वी पर रसायनों का छिड़काव करके रोग को नियंत्रित करने की संभावना के बारे में  जबगहन चर्चा की,तो सभी वैज्ञानिक पागल हो गए क्योंकि उन सभी की कल्पना नहीं की गई थी जो इस महान इंसान ने कीथी। उस समय, वैज्ञानिकों ने महसूस किया कि मोदीजी का आईक्यू और महान वैज्ञानिक आइंस्टीन एक ही होना चाहिए। मोदीजी ने सूरज के सामने एक रसायन से भरे उपग्रह को स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।

 उन्होंने पूरे सिद्धांत को समझाया कि22 तारीख सुबह 7 बजे, उपग्रह पर सूरज की किरणें पहुंचेगी। जिसे उपग्रह पर का वाष्पीकरण पृथ्वी की और जायेगा।
और उपग्रह  गति और पृथ्वी की गति को कैसे मैच करे की ये वाष्पीकरण मात्र भारत पर ही फैले। ऐसा गणित मोदीजी ने सबको समझाया।

नासा और इसरो के वैज्ञानिकों ने इस मामले की पुष्टि की और कहा कि यह मामला संभव है। ये सारी सभी के बीच बातचीत को निजी रखा जाना तय हुआ, लेकिन नासा ने यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से कहदी।

ट्रम्प चकित थे और नासा के वैज्ञानिकों को बताया कि अमेरिका पर रासायनिक वाष्प का छिड़काव नहीं किया जा सकता है?
जवाब में, नासा के वैज्ञानिकों का कहना था कि इस उपग्रह का रिमोट मोदी के पास है, इसलिए हम कुछ नहीं कर सकते ... और फिर ट्रम्प ने भारत की यात्रा की योजना बनाई और मित्र मोदी से संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए भी ऐसा करने का आग्रह किया।  लेकिन मोदी ने बिचार करेंगे कहते हुए ट्रम्प को छोड़ दिया ...

 लेकिन यहां एक और सवाल उठता है कि अगर 22 तारीख के दिन गर्मी ज्यादा होगी तो अगर उस दिन भारत में केमिकल का वाष्प फैलेगा तो कुछ नुक्सा तो नहीं होगाना ?
लेकिन मोदीजी के पास इसके लिए भी समाधान था। उन्होंने हिमालय में आत्मसात किया था,की  मानव शरीर पंचभूत से बना हुआ है। प्रत्येक शरीर में आकाश, वायु, जल, अग्नि और पृथ्वी जैसे तत्व हैं। इसलिए जब हम ताली बजायेंगे तब ये तत्व उत्तेजित होंगे। और शरीर प्रतिकार शक्ति में बढ़ोती होंगी। ऐसा गणित करके 22 तारीख को सैम
शाम 5  बजे ताली बजने का निर्णय किया।

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 ऐसे महामानव को सत सत वंदन ......  इस तरह के कई और खुबिया मोदीजी में हैं, कई लोग मानते हैं कि वे अवतार के रूप में अवतरित हुए हैं और उनका जन्म भारत में मानव जाति के कल्याण और राक्षसों को हराने के लिए हुआ है।
 इसे शेयर जरूर करना 'आभार' मोदीजी की जय।

ये कहानी एक मनोरंजन के लिए लिखी गई।

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